वीरेंद्र सहवाग का सन्यास के 7 साल बाद क्यों छलका दर्द?

वीरेंद्र सहवाग का सन्यास के 7 साल बाद हल्का दर्द टेस्ट टीम से बाहर किए जाने पर बोले वीरू कहा कि जब मुझे पता चला कि मैं टेस्ट टीम का हिस्सा नहीं हूं तब मै दुख से तार तार हो गया। अगर मुझे टेस्ट टीम से ड्रॉप नहीं किया जाता तो मैं मेरे टेस्ट कैरियर में दस हजार से ज्यादा रन बना सकता था।वीरु ने 104 टेस्ट मैचों में 8586 रन बनाए हैं। वीरेंद्र सहवाग ने कहा कि जब तक अनिल कुंबले भारतीय टेस्ट टीम के कप्तान थे।

तब अनिल कुंबले ने मुझे भरोसा जताते हुए कहा था कि जब तक मैं टेस्ट की कप्तानी करूंगा तब तक आप टेस्ट टीम का हिस्सा रहोगे।वीरु ने कहा कि एक खिलाड़ी अपने कप्तान से ऐसे ही भरोसे की उम्मीद रखता है। वीरू ने कहा कि कैरियर के शुरुआत में सौरव गांगुली ने मुझ पर भरोसा जताया था। वीरेंद्र सहवाग को खराब फॉर्म के चलते 2007 में टेस्ट टीम से बाहर कर दिया गया था।वीरु 2007 T20 विजेता टीम व 2011 विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा रहे हैं।

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